9 साल बाद मोदी-नीतीश की साझा चुनावी रैली, ये हो सकता है इस केमिस्ट्री का असर

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New Delhi: लोकसभा चुनाव से पहले 9 साल बाद किसी चुनावी रैली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक साथ दिखेंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार दोनों 3 मार्च को पटना के गांधी मैदान में एक रैली को संबोधित करेंगे। बिहार की राजधानी पटना में होने वाली एनडीए की संकल्प रैली में यह मौका एक बार फिर आएगा। जाहिर है पीएम मोदी और सीएम नीतीश के एक साथ राजनीतिक मंच पर देखने के लिए दोनों ही दलों के समर्थकों की नजरें बेताब हो रही हैं।

मोदी और नीतीश इससे पहले 2010 में पंजाब के लुधियाना में एनडीए के लिए प्रचार करने के दौरान एक साथ चुनावी मंच पर दिखे थे। आपको बता दें कि नीतीश कुमार 1998 से एनडीए का हिस्सा रहे। वे एनडीए के लिए बढ़-चढ़ कर प्रचार भी करते रहे। लेकिन, जून 2013 में उन्होंने एनडीए से नाता तोड़ लिया। हालांकि अगस्त 2017 से वह फिर से एनडीए का हिस्सा बन गए।

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एनडीए से फिर जुड़ाव के बाद मोदी-नीतीश की केमिस्ट्री में भी अब नया रंग और उमंग देखा जा रहा है। पीएम मोदी जहां नीतीश कुमार को अपना मित्र बताते हैं वहीं सीएम नीतीश पीएम मोदी के मुरीद हो गए हैं। सर्जिकल स्ट्राइक पार्ट- 2 के लिए सीएम नीतीश ने जिस अंदाज में पीएम मोदी का समर्थन किया है उससे दोनों ही दलों के समर्थकों में बड़ा उत्साह है।

इतना ही नहीं एनडीए की ये रैली 2 फरवरी को पटना में हुई राहुल गांधी की रैली का जवाब भी मानी जा रही है। उसमें कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ तेजस्वी यादव, जीतनराम मांझी, उपेन्द्र कुशवाहा, शरद यादव सरीखे नेताओं ने एक मंच पर आकर मजबूती का संकेत दिया था। हालांकि एनडीए और महागठबंधन में एक बड़ा फर्क अब भी नजर आ रहा है।

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