महबूबा मुफ्ती ने पंचायत चुनावों में भाग लेने से किया मना,बोली-जान जाने तक लड़ेंगे 35A की लड़ाई

New Delhi: अनुच्छेद 35A को लेकर घाटी में सियासत तेज हो गई है। दरअसल फारूक अब्दुल्ला के बाद अब महबूबा मुफ्ती ने भी पंचायत चुनावों के बहिष्कार का ऐलान कर दिया है।

जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती ने भी राज्य में होने जा रहे पंचायत चुनावों से दूर रहने का ऐलान कर दिया है। महबूबा ने कहा कि पंचायत चुनाव और सुप्रीम कोर्ट में 35A को लेकर चल रहे केस के आपसी संबंध को लेकर जिस तरह की बातें सामने आ रही हैं, उससे लोगों के दिमाग में कई तरह के शक पैदा हो गए हैं। हम केंद्र सरकार से मांग करते हैं कि ऐसे माहौल में चुनाव कराने के फैसले पर एक बार फिर से विचार कर लिया जाए।

महबूबा ने आगे कहा अगर इस स्थिति में जम्मू कश्मीर में पंचायत चुनाव होते हैं तो वह इन चुनावों का बहिष्कार करेगी। श्रीनगर में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में महबूबा मुफ्ती ने कहा कि हम अनुच्छेद A को बचाने के लिए किसी भी हद तक जाएंगे। हम अपनी आखिरी सांस तक इसके लिए लड़ाई लड़ेंगे। राज्य के लोगों ने इसके लिए कुर्बानी दी है और इसकी वैधत से कोई इनकार नहीं कर सकता है।

पीडीपी प्रवक्ता रफी अहमद मीर ने संवाददाताओं से कहा कि अनुच्छेद 35ए के संबंध में लोगों की आशंकाओं को जब तक संतोषप्रद तरीके से नहीं सुलझाया जाता, हम समझते हैं कि निकाय और पंचायत चुनाव कराना बेकार की कवायद होगा। अनुच्छेद 35A की वैधता के लेकर जम्मू कश्मीर में सियासत गर्म हो गई है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई अगले साल जनवरी में करेगी।

रविवार को भी महबूबा ने इस बात का इशारा किया था कि अगर केंद्र सरकार 35 A से छेड़छाड़ करती है तो उनकी पार्टी भी जम्मू-कश्मीर में सभी चुनावों का बहिष्कार कर सकती है। इससे पहले नेशनल कॉन्फ्रेंस के फारूक अब्दुल्ला ने भी पहले पंचायत चुनावों और फिर विधानसभा लोकसभा चुनावों के बहिष्कार का ऐलान किया था। राज्य के दोनों प्रमुख पार्टियों के इस रुख से केंद्र की मोदी सरकार के सामने चुनौती खड़ी हो गई है।

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