भारतीय रेलवे का ऐतिहासिक कार्य..बना दी बिना इंजन वाली ट्रेन, दोनों तरफ से पटरी पर भरेगी फर्राटा

T-18 Indian Rail

New Delhi: हमेशा अपने सर्विस और यात्रियों की असुविधा के लिए चर्चा में रहने वाली Indian Railway अब एक नए युग की तरफ बढ़ती दिखाई दे रही है। दरअसल भारतीय रेलवे ने एक ऐतिहासिक कार्य करते हुए एक ऐसी ट्रेन T-18 का निर्माण कर दिया है जो बिना इंजन के ही पटरी पर दौड़ती हुई नजर आएगी। यही नहीं यह ट्रेन मेट्रो की तरह ही दोनों तरफ से फर्राटा भर सकेगी।

T-18 नाम की ट्रेन देश की पहली इसी ट्रेन बनने जा रही है जिसमे इंजन नहीं लगा होगा। जी हां इस बात को सुनकर आपको थोड़ा हैरानी हो रही होगी लेकिन Indian Railway ने यह ऐतिहासिक कार्य कर दिखाया है। बता दें कि, मोदी सरकार ने देश की जनता से बुलेट ट्रेन का वायदा किया था। हालांकि सरकार और रेलवे जनता को बुलेट ट्रेन की सौगात तो नहीं दे सकी। लेकिन उसने ऐसी ट्रेन बना दी है जो बिना इंजन के ही पटरी पर फर्राटा भरेगी। T-18 ट्रेन में सबसे खास बात यह है कि, यह मेट्रो की तरह ही दोनों तरफ से चलेगी। बताया जा रहा है कि, रेलवे ने इस ट्रेन को बुलेट की तर्ज पर ही बनाया है जिसकी स्पीड शताब्दी और राजधानी की तरह ही होगी। दिलचस्प बात यह है कि, इस ट्रेन को अगले महीने तक ट्रायल के लिए उतारा जा सकता है। ऐसे में अगर यह ट्रेन शुरू होती है तो रेल यात्रियों को एक अलग ही अनुभव मिलेगा।

Indian Railway

देश की जनता को बुलेट ट्रेन की सौगात तो नहीं दी लेकिन उससे पहले सेमी हाई-स्पीड ट्रेन शुरू करने की तैयारी रेलवे ने पूरी तरह से कर ली है। T18 ट्रेन को पूरी तरह से मेक इन इंडिया योजना के तहत बनाया जा रहा है और यह काफी शानदार एक्सपीरियंस देगी। वहीं आपको बता दें कि, इस ट्रेन को चेन्नई की इंटीग्रल यूनिट में तैयार किया गया है। रिपोर्ट की मानें तो अगले महीने इस तेन को ट्रायल के टावर पर उतारा जा सकता है। अगर बात करें इस ट्रेन को बनाने में आई लागत की तो यही आम ट्रेनों के मुकाबले बेहद कम है। बताया जा रहा है कि,यह ट्रेन आम ट्रेन से आधी कीमत में तैयार हुई है।

वहीं ऐसा भी कहा जा रहा है कि, इस ट्रेन को पहले उत्तर रेलवे रूट पर उतरा जायेगा। साथ ही यह स्पेशल ट्रेन कई शहरों और रुट पर शताब्दी की जगह ले सकती है। टी-18 ट्रेन प्रोजेक्ट में रेलवे का 120 करोड़ रुपये खर्च हुआ है और इसकी स्पीड 180 किलोमीटर प्रति घंटे की होगी। टी 18 ट्रेन में 16 चेयरकार कोच होंगे जिसमें 14 नॉन एग्जीक्यूटिव कोच और 2 एग्जीक्यूटिव कोच होंगे। एग्जीक्यूटिव कोच में 56 यात्री बैठ सकेंगे जबकि नॉन एग्जीक्यूटिव कोच में 78 लोग बैठ सकेंगे। टी-18 ट्रेन प्रोजेक्ट अगर सफल होता है तो रेलवे को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगेगी। इस प्रोजेक्ट की सफलता के साथ ही मोदी सरकार को भी काफी फायदा मिलेगा। जाहिर है जनता को अगर 2019 चुनाव से पहले इस ट्रेन में सफर करने का मौका मिलता है तो लाभ भी हो सकता है। हालांकि यह फुल ऐसी ट्रेन है जिसका किराया आम इंसान की जेब पर असर डालेगा।

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