लुटेरों ने रची लूट की झूठी साजिश, 4 घंटों में पुलिस ने किया पर्दाफाश

NEW DELHI: गाजियाबाद के इंदिरापुरम पुलिस ने लूट के 19 लाख रुपये के साथ तीन अपराधियों को गिरफ्तार किया है। एक प्राइवेट कंपनी के जिन 3 कर्मचारियों से पैसे लूटे गए, असल में उन्होंने ही अपने एक साथी के साथ मिलकर इस घटना की साजिश रची थी।

लेकिन पुलिस ने चंद घंटों में इस वारदात का पर्दाफाश कर दिया। मंगलवार को अभियुक्तों ने दोपहर साढ़े तीन बजे सरेराह खुद पर ब्लेड से हमला कराकर लूट की वारदात को अंजाम दिलाया। वहीं साढ़े छह घंटे में इंदिरापुरम पुलिस ने मामले में पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।


क्या है पूरा मामला
हरिद्वार के रहने वाले हितेश कुमार इंदिरापुरम में यूनिवर्सल इंटरप्राइजेज नाम से ठेकेदारी फर्म चलाते हैं। जिसमें वैशाली सेक्टर-3 निवासी विशाल अग्निहोत्री एरिया मैनेजर थे। जबकि नोएडा सेक्टर-39 निवासी अमित कटियार व शहीदनगर निवासी वसीम सिद्दीकी सेल्समैन के रूप में काम करते थे। तीनों करीब दस साल से इस फर्म में कार्यरत थे।

तीनों कर्मचारियों को पैसे की जरूरत थी। जिसके चलते उन्होंने अपने ही मालिक को लूटने की साजिश रच डाली। गिरफ्तार अभियुक्तों ने पुलिस को दिये बयान में अपनी इस शर्मनाक हरकात का काला चिठ्ठा खोला। उन्होंने पुलिस को बताया कि मंगलवार की दोपहर करीब तीन बजे तीनों वे सेक्टर-13 स्थित पंजाब नेशनल और एक्सिस बैंक की शाखा से रुपये निकालने गए थे।

जहां से वापस ऑफिस लौटने के दौरान रास्ते में वसुंधरा सेक्टर-19 के ग्रीन बेल्ट रोड के पास वसीम के भाई मुईम और चचेरे भाई सारिक आए। तीनों ने लैपटॉप वाली बैग सहित 19 लाख रुपये उन्हें सौंप दिया। वहीं, घटना को असली दिखाने के लिए वसीम ने सारिक से अपने सीने पर ब्लेड हमला करवा लिया।


इसके बाद साजिशकर्ताओं ने पैसे लूटे जाने की सूचना फर्म मालिक हितेश को दी। हितेश ने तुरंत इसकी जानकारी पुलिस को। वहीं छानबीन के दौरान तीनों के नंबरों की कॉल डिटेल्स खंगाली गई। दो नंबर ऐसे मिले जिनकी पीड़ितों से बात हुई थी। घटना के समय उन नंबरों की भी लोकेशन घटनास्थल पर मिली।

शक के आधार पर पुलिस ने तीनों से सख्ती से पूछताछ की। जिसके बाद आरोपितों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। अभियुक्तों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने ही लूट की झूठी कहानी रची थी।


तीनों आरोपी कर्मचारियों समेत गिरफ्तार दो अन्य आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। कंपनी के मालिक हितेश इन सभी पर बहुत भरोसा करता था। पूछाताछ के दौरान हितेश ने पुलिस को बताया कि इन पर वे शक नहीं कर सकते। तीनों उनके भरोसेमंद कर्मचारी हैं।

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