11 सितंबर को तेलंगाना जाएगी चुनाव आयोग की टीम, चुनाव की तैयारियों का करेगी आकलन

NEW DELHI: तेलंगाना विधानसभा भंग होने के एक दिन बाद ही चुनाव आयोग ने चुनाव की तैयारियों का मुआयना करने के लिए 11 सितंबर को एक टीम भेजने का फैसला किया है। यह टीम वरिष्ट सहायक चुनाव आयुक्त उमेश सिन्हा की अध्यक्षता में हैदराबाद जाएगी। यहां पहुंचकर उन्हें चुनाव की तैयारियों को लेकर एक रिपोर्ट तैयार कर आयोग को भेजना होगा।

इस संबंध में चुनाव आयोग ने बयान जारी कर कहा कि आयोग ने चुनाव की तैयारियां को लेकर राज्य की स्थिति का आकलन करने के लिए एक टीम भेजने का फैसला किया है। वहीं, मुख्य चुनाव आयुक्त ओ.पी. रावत ने संभावित चुनाव सारणी पर मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव के बयान को लेकर ऐतराज जताया है। मामूल हो कि गुरुवार को  मुख्यमंत्री ने कहा था कि चुनाव प्रक्रिया अक्टूबर में शुरू हो सकती है। साथ ही उन्होंने कहा कि नवंबर अंत तक चुनाव की प्रक्रिया खत्म हो जाएगी और दिसंबर के पहले सप्ताह में परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे।

 

मुख्यमंत्री के इस बयान पर कड़ा ऐतराज जताते हुए रावत ने कहा कि उनकी उक्त घोषणा हास्यास्पद है। चुनाव की अनुसूची को अंतिम रूप देना भारत के निर्वाचन आयोग का विशेषाधिकार है। साथ ही उन्होंने कहा कि चुवान की अनुसूची के बारे खुद से आकलने लगाना बेमानी है। चुनाव आयुक्त ने मुख्यमंत्री के दावों पर आश्चर्य व्यक्त किया है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री ने यह भी दावा किया था कि तेलंगाना के मुख्य सचिव और मुख्य सलाहकार ने इस सिलसिले में चुनाव आयोग के अधिकारियों के साथ मुलाकात की है।

रावत ने कहा कि चुनाव आयोग को गुरुवार शाम तेलंगाना विधानसभा भंग होने की जानकारी मिली। जिसके बाद उन्होंने तेलंगाना मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) से स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। रावत ने कहा कि चुनाव कार्यक्रम तय करने से पहले जिला स्तर पर आकलन करना जरूरी है। जिसके लिए सीईओ से अधिक जानकारी चाहिए। साथ ही चुनाव आयुक्त ने कहा कि मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मिजोरम के साथ तेलंगाना विधानसभा चुनाव होने की संभावना को लेकर सारे बयार निराधार हैं। आपको बता दें कि इन राज्यों में इसी साल नवंबर-दिसंबर में चुनाव होने हैं।

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