बक़रीद पर क़ुर्बानी को लेकर BMC के फैसले पर विवाद, मामला पहुंचा बॉम्बे हाईकोर्ट

New Delhi : 22 अगस्त को मनाए जाने वाले मुस्लिम त्यौहार, ईदुल-अजहा यानी बकरीद के पहले BMC द्वारा चलाए जा रहे देवनार स्लाटरहाउस के बाहर भेड़ और बक़रे की कुरबानी की अनुमति देने के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया के बारे में सोमवार को BMC, बॉम्बे हाईकोर्ट को विस्तार से बताने के लिए तैयार है।

सोमवार को न्यायालय, जीव मैत्री ट्रस्ट की एक याचिका पर सुनवाई करेगा, इसमें  BMC के उस फैसले को चुनौती दी गई है जिसमें हाल ही में BMC के महाप्रबंधक योगेश जयप्रकश शेट्टी द्वारा जारी की गई दो नोटिसों में बकरीद पर BMC द्वारा चलाए जा रहे देवनार स्लाटरहाउस के बाहर बकरे और भेड़ की क़ुर्बानी के लिए अनुमति देने की बात कही गई थी।

इसके लिए शेट्टी कोर्ट में हलफ़नामा दाख़िल कर चुके हैं। इसके पहले 16 अगस्त की सुनवाई के बाद BMC ने तुरंत क़ुर्बानी के लिए दी जाने वाली ऑनलाइन प्रक्रिया को रोक दिया। इसमें यह भी कहा गया है कि महानगरपालिका ने इस नए सिस्टम को इस उद्देश्य के साथ शुरू किया था कि लोग त्यौहार को अच्छी तरह से मना सकेें और साथ ही यह सुनिश्चित हो सके कि त्यौहार की आड़ में जानवरों को अवैध तरीक़े से न काटा जा सके।याचिकाकर्ताओं का पक्ष रख रहे अधिवक्ता सुजय कांतावाला ने बताया कि इस सम्बन्ध में उन्हें शनिवार को हलफ़नामा मिला।

बता दें कि मुंबई महानगरपालिका द्वारा क़ुर्बानी के लिए ऑनलाइन अनुमति देने की प्रक्रिया पिछले वर्ष शुरू की गयी थी और तब कुछ आवेदनों के साथ पूरी प्रक्रिया काफी हद तक सफल रही थी और उस समय उन आवेदनों को निरस्त कर दिया गया था जो आवश्यकताओं के अनुरूप नहीं थे। महानगरपालिका द्वारा ऑनलाइन अनुमति देने की पहल, प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए की गयी थी। हलफ़नामे के अनुसार महानगरपालिका अलग-अलग त्यौहारों जैसे होली, आशादी, अमावस्या(गात्रि के रूप में जाना जाने वाला) के लिए इसी तरह की अनुमति दे रही है।

इसमें यह भी जोड़ा गया है कि BMC का सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट विभाग क़ुर्बानी के बाद वेस्ट मटेरियल को उठाने के लिए विशेष वाहनों को उपलब्ध कराएगा जो यह सुनिश्चित करता है कि स्लाटरहाउस के बाहर साफ-सफाई रहेगी। हलफ़नामे में कहा गया है कि कई लोग कुर्बानी की अनुमति के लिए आवेदन कर चुके हैं। अब तक यहां लगभग 29,907 भेड़ और बक़रे बिक चुके हैं। हलफ़नामे में यह भी जोड़ा गया है कि महानगरपालिका ने अपने प्रशासनिक वार्डों में अपने स्टाफ को अवैध एनिमल स्लाटरिंग की जांच के लिए भेजा है।

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